आज बृज में होली रे रसिया

By kushal@geetkosh.in

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aaj brij me hori re rasiya bhajan lyrics

आज बृज में होली रे रसिया।
होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥
आज बृज में
अपने अपने घर से निकसी।
कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया॥
आज बृज में

कौन गावं केकुंवर कन्हिया।
कौन गावं राधा गोरी रे रसिया॥
आज बृज में
नन्द गावं के कुंवर कन्हिया।
बरसाने की राधा गोरी रे रसिया॥
आज बृज में

कौन वरण के कुंवर कन्हिया।
कौन वरण राधा गोरी रे रसिया॥
आज बृज में
श्याम वरण के कुंवर कन्हिया प्यारे।
गौर वरण राधा गोरी रे रसिया॥
आज बृज में

इत ते आए कुंवर कन्हिया।
उत ते राधा गोरी रे रसिया॥
आज बृज में
कौन के हाथ कनक पिचकारी।
कौन के हाथ कमोरी रे रसिया॥
आज बृज में

कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी।
राधा के हाथ कमोरी रे रसिया॥
आज बृज में
उड़त गुलाल लाल भए बादल।
मारत भर भर झोरी रे रसिया॥
आज बृज में

अबीर गुलाल के बादल छाए।
धूम मचाई रे सब मिल सखिया॥
आज बृज में
चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि।
चिर जीवो यह जोड़ी रे रसिया॥
आज बृज में

Krishna bhajan

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